भारत में 2026 में इलेक्ट्रीशियन का विजिटिंग चार्ज 100 से 300 रुपये है। पंखा लगाना 150 से 400 रुपये, स्विच बोर्ड रिपेयर 200 से 500 रुपये, और स्प्लिट AC फिटिंग 1500 से 3500 रुपये में होती है। नई वायरिंग का रेट प्रति पॉइंट तय होता है।
इलेक्ट्रीशियन का चार्ज 2026 में काम के हिसाब से कितना है?
सबसे आम कामों में पंखा लगाना या ठीक करना 150 से 400 रुपये, स्विच बोर्ड रिपेयर 200 से 500 रुपये, ट्यूबलाइट या LED फिटिंग 100 से 300 रुपये, और इन्वर्टर इंस्टॉलेशन 500 से 1500 रुपये में होता है। पूरी लिस्ट नीचे है।
| काम | सामान्य रेट (₹) | नोट |
|---|---|---|
| विजिटिंग चार्ज | 100 – 300 | काम होने पर बिल में जुड़ता है |
| पंखा लगाना / ठीक करना | 150 – 400 | रेगुलेटर अलग |
| स्विच बोर्ड रिपेयर | 200 – 500 | पॉइंट की संख्या पर निर्भर |
| ट्यूबलाइट / LED फिटिंग | 100 – 300 | प्रति लाइट |
| नई वायरिंग | 150 – 350 प्रति पॉइंट | वायर अलग से |
| इन्वर्टर इंस्टॉलेशन | 500 – 1,500 | बैटरी कनेक्शन सहित |
| MCB / डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स | 400 – 1,200 | मटेरियल अलग |
| स्प्लिट AC इंस्टॉलेशन | 1,500 – 3,500 | पाइप व ब्रैकेट अलग |
AC फिटिंग का चार्ज अलग से कितना है?
स्प्लिट AC की फिटिंग 1500 से 3500 रुपये और विंडो AC की 800 से 1500 रुपये में होती है। अतिरिक्त कॉपर पाइप 350 से 600 रुपये प्रति मीटर, और स्टैंड या ब्रैकेट 500 से 1200 रुपये अलग से लगते हैं। दूरी और मंजिल बढ़ने पर रेट बढ़ता है।
| AC काम | सामान्य रेट (₹) | नोट |
|---|---|---|
| स्प्लिट AC इंस्टॉलेशन | 1,500 – 3,500 | बेसिक पाइप सहित |
| विंडो AC इंस्टॉलेशन | 800 – 1,500 | ग्रिल कटिंग अलग |
| AC अनइंस्टॉल | 500 – 1,200 | गैस सेविंग सहित ज्यादा |
| एक्स्ट्रा कॉपर पाइप | 350 – 600 प्रति मीटर | मटेरियल सहित |
| स्टैंड / ब्रैकेट | 500 – 1,200 | दीवार पर निर्भर |
शहर के हिसाब से इलेक्ट्रीशियन का रेट कितना बदलता है?
दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में पंखा लगाना और स्विच बोर्ड का काम कानपुर, जयपुर या पटना से 20 से 35 प्रतिशत महंगा पड़ता है। बड़े शहरों में मजदूरी ज्यादा है, इसलिए AC फिटिंग का रेट भी ऊपर रहता है।
| शहर | पंखा लगाना (₹) | स्विच बोर्ड (₹) | स्प्लिट AC फिटिंग (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 250 – 400 | 300 – 500 | 2,200 – 3,500 |
| मुंबई | 280 – 450 | 350 – 550 | 2,500 – 3,800 |
| बेंगलुरु | 250 – 420 | 300 – 520 | 2,200 – 3,600 |
| कानपुर | 150 – 300 | 200 – 400 | 1,500 – 2,800 |
| जयपुर | 180 – 320 | 220 – 420 | 1,600 – 3,000 |
| पटना | 150 – 280 | 200 – 380 | 1,500 – 2,700 |
इलेक्ट्रीशियन बुलाने से पहले क्या ध्यान रखें?
- काम शुरू होने से पहले मजदूरी और मटेरियल का रेट अलग-अलग लिखवाएं।
- विजिट चार्ज पूछें — काम होने पर बिल में जुड़ता है या नहीं।
- मेन पैनल, मीटर या नई सर्किट का काम हो तो लाइसेंस वाले इलेक्ट्रीशियन से करवाएं।
- काम पर 7 से 30 दिन की वर्कमैनशिप गारंटी पूछें।
- वायर और स्विच का ब्रांड कन्फर्म करें — सस्ते वायर आगे चलकर खतरा बन सकते हैं।
कमीशन वाले ऐप और सीधे इलेक्ट्रीशियन में फर्क क्या है?
कमीशन वाले ऐप हर काम पर 15 से 30 प्रतिशत कमीशन काटते हैं, जिससे आप ज्यादा देते हैं। Solve24 पर कोई कमीशन नहीं — आप वेरिफाइड इलेक्ट्रीशियन से सीधे बात करके रेट तय करते हैं और सीधे उसे भुगतान करते हैं, बिना किसी बीच के चार्ज के।
मेरे घर में स्प्लिट AC फिटिंग के लिए कमीशन वाले ऐप ने 3,200 रुपये मांगे थे। Solve24 पर एक वेरिफाइड इलेक्ट्रीशियन से सीधे बात की तो 1,900 रुपये में फिटिंग हो गई, वो भी एक्स्ट्रा पाइप सहित।
इन्वर्टर और सोलर के काम का चार्ज कितना है?
इन्वर्टर इंस्टॉलेशन की मजदूरी 500 से 1500 रुपये और बैटरी बदलने का चार्ज 200 से 500 रुपये है। सोलर पैनल की वायरिंग और कनेक्शन का काम 1500 से 5000 रुपये (मजदूरी) में होता है, जो पैनल की संख्या पर निर्भर करता है। पैनल और बैटरी का मटेरियल इससे अलग होता है।
| काम | मजदूरी (₹) | नोट |
|---|---|---|
| इन्वर्टर फिटिंग | 500 – 1,500 | बैटरी कनेक्शन सहित |
| बैटरी बदलना | 200 – 500 | पुरानी निकालना सहित |
| सोलर वायरिंग (1-2 kW) | 1,500 – 5,000 | मटेरियल अलग |
| स्टेबलाइज़र फिटिंग | 150 – 400 | प्रति यूनिट |
पूरे घर की नई वायरिंग में कितना खर्च आता है?
पूरे घर की नई वायरिंग का रेट प्रति पॉइंट 150 से 350 रुपये (सिर्फ मजदूरी) होता है, और वायर-मटेरियल मिलाकर एक पॉइंट 600 से 1200 रुपये तक पड़ता है। एक 2BHK में 40 से 60 पॉइंट होते हैं, इसलिए कुल खर्च 25,000 से 70,000 रुपये तक जा सकता है।
इस तरह 2026 में इलेक्ट्रीशियन का चार्ज छोटे रिपेयर से लेकर पूरी वायरिंग तक काम और शहर पर निर्भर करता है। मटेरियल का ब्रांड कन्फर्म करना, लाइसेंस वाले इलेक्ट्रीशियन को चुनना और बिना कमीशन सीधे संपर्क करना — यही तीन कदम पैसे और बिजली की सेफ्टी दोनों सुनिश्चित करते हैं।